हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सोमवती अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध करने से पितर प्रसन्न होते हैं। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि सोमवती अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। सोमवती अमावस्या पर गंगा सहित सभी पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान करने और पितरों का तर्पण करने की परंपरा है। इस दिन किए गए दान (सोमवती अमावस्या दान) का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह की अमावस्या 2 सितंबर को है और यह सोमवती अमावस्या है। पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन स्नान-ध्यान करने के बाद पितरों को जल और भोजन अर्पित करना चाहिए। आइए जानें इस दिन दान करने से किस राशि के लोगों को सबसे ज्यादा पुण्य मिलेगा।
