बस्ती-ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से डेयरी उद्योग एक बड़े विकल्प के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में भानपुर तहसील क्षेत्र के बरगदवा में डेयरी परियोजना किसानों और युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। अब क्षेत्र के किसान और पशुपालक निःशुल्क सदस्य बनकर डेयरी उद्योग से जुड़ सकते हैं और नियमित आय का स्रोत विकसित कर सकते हैं।जानकारी के अनुसार श्री कृष्णा शुगर एंड डेयरी लिमिटेड द्वारा किसानों को डेयरी उद्योग से जोड़ने की पहल की जा रही है। कंपनी का उद्देश्य गांव-गांव तक दुग्ध उत्पादन को संगठित करना और किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य उपलब्ध कराना है।
यदि किसी किसान या पशुपालक के पास गाय या भैंस है, तो वह डेयरी उद्योग का सदस्य बनकर सीधे दूध की सप्लाई कर सकता है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। डेयरी उद्योग से जुड़ने वाले किसानों को नियमित भुगतान, बाजार की सुविधा और स्थायी आय का अवसर मिल सकता है।
श्री कृष्णा शुगर एंड डेयरी लिमटेड के चेयरमैन बसंत चौधरी का मानना है कि खेती के साथ पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है। एक ओर जहां पारंपरिक खेती मौसम और लागत पर निर्भर रहती है, वहीं डेयरी उद्योग किसानों को प्रतिदिन आमदनी का अवसर देता है। दूध की मांग हमेशा बनी रहने के कारण यह व्यवसाय लंबे समय तक स्थायी आय का स्रोत साबित हो सकता है।
इस परियोजना के माध्यम से न केवल दूध संग्रह और डेयरी उत्पाद निर्माण पर कार्य किया जाएगा, बल्कि भविष्य में जैविक उर्वरक और CNG निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बसंत चौधरी ने बताया कि जो लोग डेयरी उद्योग से जुड़कर कार्य करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि किसान और पशुपालक डेयरी उद्योग से जुड़कर अच्छी कमाई कर सकते हैं तथा अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सदस्य बनकर इस पहल का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेयरी उद्योग में जितना अधिक किसान जुड़ेंगे, उतना ही क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। आने वाले समय में यह परियोजना बस्ती मंडल कमें नई पहचान बन सकती है।