बस्ती। जिले के युवा समाजसेवी एवं पहल संस्था के संस्थापक मनीष मिश्रा इन दिनों अपनी दूरदर्शी सोच और जनहितकारी कार्यों को लेकर चर्चा में हैं। लोगों के मन में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर मनीष मिश्रा बस्ती के लिए क्या सोचकर आए हैं और जिले के युवाओं, महिलाओं तथा आम नागरिकों के लिए उनकी क्या योजनाएं हैं। इन सवालों का जवाब उनकी कार्यशैली और भविष्य की योजनाओं में साफ दिखाई देता है।
मनीष मिश्रा का मानना है कि बस्ती केवल एक जनपद नहीं, बल्कि अपार संभावनाओं की भूमि है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, अवसर और संसाधनों को उपलब्ध कराने की है। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने “बेस से स्पेस तक बस्ती” का विजन प्रस्तुत किया है, जिसका लक्ष्य जिले को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा शक्ति किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे न केवल स्वयं आगे बढ़ सकते हैं बल्कि पूरे समाज को नई दिशा दे सकते हैं। इसी सोच के तहत उनकी प्राथमिकता युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार, स्टार्टअप संस्कृति और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की है, ताकि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकें।
महिला सशक्तिकरण को लेकर भी मनीष मिश्रा विशेष रूप से सक्रिय हैं। उनका कहना है कि किसी भी समाज का समग्र विकास तब तक संभव नहीं है जब तक महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत न हों। इसी उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार में उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि जिले की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
उनका विश्वास है कि सामूहिक प्रयासों से बस्ती को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अग्रणी जनपदों में शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने बस्तीवासियों से आवाहन किया कि वे विकास और आत्मनिर्भरता की इस यात्रा में सहभागी बनें तथा बस्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उनका कहना है कि यदि संकल्प मजबूत हो और समाज का सहयोग मिले तो बस्ती की पहचान देश-दुनिया में एक मॉडल जनपद के रूप में स्थापित की जा सकती है।