बस्ती। मंगलवार को महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं ऐतिहासिक पहल देखने को मिली, जहां हजारों महिलाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास, खुशी और उम्मीद की चमक साफ दिखाई दे रही थी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में 1000 महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण किया गया, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी होकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
यह कार्यक्रम केवल मशीन वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भर भविष्य का संदेश देने वाला आयोजन साबित हुआ। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही और पूरे माहौल में उत्साह, उमंग और नए संकल्प की भावना देखने को मिली।
संस्था द्वारा महिलाओं को पहले ही साड़ी और पहचान पत्र उपलब्ध कराए गए थे, जिससे उन्हें सामाजिक सम्मान और पहचान मिली। अब सिलाई मशीन मिलने के बाद ये महिलाएं ‘राम जी का झोला’ तैयार करेंगी और अपने घर से ही रोजगार शुरू कर सकेंगी। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
इस अभियान के तहत 500 महिलाएं पहले से ही ‘रामजी का पेड़ा’ बनाने के कार्य से जुड़कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रही हैं। इन महिलाओं ने अपने श्रम और हुनर से यह साबित किया है कि अवसर मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
अब 1000 नई महिलाओं के जुड़ने से कुल 1500 माताएं और बहनें इस अभियान का हिस्सा बन चुकी हैं, जो जनपद बस्ती में महिला स्वावलंबन का नया अध्याय लिखेंगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रश्मि चतुर्वेदी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की महिलाएं केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और समाज व राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने खुलकर अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति और निर्णय लेने वाले मंचों पर उचित भागीदारी मिलनी चाहिए, जिससे वे अपनी क्षमता के अनुसार समाज के विकास में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पहल संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी महिलाएं होती हैं। जब माताएं और बहनें आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी परिवार, समाज और जिले का सर्वांगीण विकास संभव होगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ मशीन बांटने का नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को उड़ान देने, उनके आत्मसम्मान को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर करने का संकल्प है।
कहा कि महिलाओं की शक्ति से समाज का विकास संभव होता है
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने पहल संस्था और मनीष मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल उनके जीवन में नई रोशनी लेकर आई है। उन्होंने कहा कि अब वे दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं कमाकर अपने परिवार का सहयोग कर सकेंगी।
समाजसेवा के क्षेत्र में नई पहचान बना रही पहल संस्था
जनपद बस्ती में इस प्रकार की योजनाएं निश्चित रूप से महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और सामाजिक विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगी। समाजसेवा के क्षेत्र में मनीष मिश्रा द्वारा किया जा रहा यह प्रयास आने वाले समय में और भी प्रेरणादायक सिद्ध होगा। यह पहल न केवल महिलाओं को रोजगार दे रही है, बल्कि उन्हें सम्मान, पहचान और आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है। बस्ती में महिला सशक्तिकरण की यह मुहिम अब नई मिसाल बन चुकी है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीडी मिश्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता अमित चौबे, भाजपा नेता सतेंद्र सिंह भोलू, छात्र नेता आलोक पांडेय, अंजनी पाठक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।