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प्रशासनिक अधिकारी प्रेमचन्द्र द्वारा बनवाया गया आलीशान मकान
26 वर्षो से जमे हैं प्रेमचन्द्र, पत्नी के नाम से बना लिया फर्मः लाखों का वारा न्यारा
अपना दल एस प्रदेश सचिव संजय सिंह पगार ने किया स्थानान्तरण, सतर्कता विभाग से जांच की मांग
बस्ती। अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात प्रेमचन्द्र पुत्र राम सेवक पर अनियमितता के अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और सतर्कता विभाग से उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है।
भेजे पत्र में अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने कहा है कि प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात प्रेमचन्द्र द्वारा ठेकेदारों व कर्मचारियों का लगातार दोहन किया जा रहा है तथा सरकारी अभिलेखों में भी फेरबदल किये जाने की शिकायत पूर्व में जन प्रतिनिधियों द्वारा की जाती रही है परन्तु प्रेमचन्द्र की ऊँची पहुँच के कारण मण्डलीय कार्यालय पर तैनाती लेते रहे हैं, जिससे इनके भ्रष्टाचार एवं कागजी हेरफेर के कारण सरकारी कार्यों में भी गोपनीयता भंग की जाती रही है।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में संजय सिंह पगार ने कहा है कि प्रेमचन्द्र ने अपनी सेवा अवधि का लगभग 90 प्रतिशत समय बस्ती वृत्त, बस्ती कार्यालय में ही व्यतीत किया है। बाबू पद से लेकर प्रशासनिक अधिकारी पद तक की उनकी अधिकांश सेवा बस्ती मण्डल में ही रही है। इतने लंबे समय तक एक ही मंडलीय कार्यालय में तैनाती से प्रशासनिक निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विभागीय कार्यप्रणाली की गोपनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं।
श्री पगार ने बताया कि प्रेमचन्द्र द्वारा अपने पद एवं प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए ठेकेदारी व्यवस्था में हस्तक्षेप किया जाता रहा है। आरोप है कि उनके द्वारा कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने, विभागीय गोपनीय सूचनाओं को प्रभावित करने तथा ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव डालने जैसी गतिविधियों में भूमिका निभाई गई है। इसके अतिरिक्त यह भी गंभीर आरोप है कि प्रेमचन्द्र द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती सीमा के नाम से संचालित फर्म मेसर्स बुद्धा इंटरप्राइजेज का उपयोग स्वयं एवं अपने परिवार के सदस्यों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उक्त फर्म की प्रोपराइटर श्रीमती सीमा है, जिसका पता रौतापार, गांधी नगर, बस्ती दर्शाया गया है। उक्त फर्म का यूनियन बैंक में है। उपलब्ध बैंक विवरण के अनुसार पिछले लगभग तीन वर्षों में उक्त फर्म के खाते में लगभग 65 लाख रुपये की क्रेडिट एवं डेबिट प्रविष्टियां पाई गई हैं, जिससे लेन-देन की प्रकृति, धन के स्रोत तथा संबंधित ठेकेदारों से संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है। आरोप है कि वे अपने पूर्व कार्यकाल से संबंधित अभिलेखों, कथित अनियमितताओं एवं आने वाली निविदा/ई-टेण्डरिंग प्रक्रियाओं हस्तक्षेप बनाए रखने के उद्देश्य से उसी कार्यालय में बने रहना चाहते हैं। प्रेमचन्द्र ने अपना आलीशान मकान लखनऊ में बनवा लिया है।
इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर पर उठाई जाती रही हैं। हाल ही में भी कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेमचन्द्र के विरुद्ध शासन स्तर पर लिखित शिकायतें प्रेषित की गई, जिसके क्रम में शासन द्वारा धारा 7 के अंतर्गत मुख्य अभियंता, बस्ती से रिपोर्ट मांगी गई। किंतु मुख्य अभियंता, बस्ती आनन्द कुमार द्वारा एक माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद शासन को अपेक्षित रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई। जबकि शासन की प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी गंभीर शिकायत के क्रम में संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर स्थानांतरण अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई की जाती है। स्थानांतरण प्रक्रिया की पूर्व निर्धारित समय-सीमा 31 मई तक थी, परंतु रिपोर्ट समय से न भेजे जाने के कारण आवश्यक कार्रवाई प्रभावित हुई। वर्तमान में शासन द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया की समय-सीमा 30 जून तक बढ़ा दी गई है, इसलिए जनहित एवं प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से यह आवश्यक है कि मुख्य अभियंता स्तर से लंबित रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजी जाए तथा प्रेमचन्द्र का स्थानांतरण करते हुए उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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