सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा ने किया सम्मान समारोह का आयोजन
बस्ती। मालवीय मार्ग स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा परिसर में शनिवार को सम्मान समारोह एवं सामाजिक चिंतन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, वरिष्ठ समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने समाज में एकता, शिक्षा, संस्कार और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी पर बल दिया। समारोह के दूसरे चरण में महासभा के आजीवन सदस्यों, मार्गदर्शकों एवं सहयोगी बंधुओं को अंगवस्त्र एवं भगवान परशुराम का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि ब्राह्मण समाज सदैव लोककल्याण की भावना से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” की भावना समाज और राष्ट्र के हित की सोच है, जो सभी के कल्याण का संदेश देती है।
संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री शम्भूनाथ मिश्र ने संगठन के विस्तार, उद्देश्यों एवं कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महासभा गांव-गांव तक पहुंचकर समाज को संगठित करने, संस्कृति की रक्षा, युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने तथा उन्हें नशे और अपराध जैसी बुराइयों से दूर रखने का कार्य कर रही है।
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं. सत्यनारायण शुक्ल ‘सत्ते शुक्ल’ ने कहा कि वर्तमान समय में जागरूक ब्राह्मणों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, व्यापार और राजनीति जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़कर समाज का प्रतिनिधित्व करने का आह्वान किया।
कोषाध्यक्ष शम्भूनाथ शुक्ल ने संस्था के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। वहीं राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री विजय बिहारी तिवारी ने कहा कि धर्म केवल प्रदर्शन की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन में धारण करने योग्य आचरण है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेश्याम पाण्डेय ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीर सामाजिक चुनौती बताते हुए इस पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता जताई।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बस्ती में सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी तथा संगठन का पुनर्गठन और पंजीकरण वर्ष 2002 में किया गया। उन्होंने कहा कि वर्षों के सफर में जुड़े और बिछड़े साथियों को याद करते हुए उनका सम्मान करना संगठन की परंपरा और दायित्व है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पाण्डेय ने महासभा परिसर में मंदिर निर्माण के साथ-साथ एक बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल, गरीब छात्रों के लिए छात्रावास तथा संस्कृत विद्यालय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाध्यक्ष नवीन दूबे ने संगठन में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा वक्ता अभिनव उपाध्याय ने किया।
दूसरे चरण में हुआ आजीवन सदस्यों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दूसरे चरण में आमंत्रित आजीवन सदस्यों, मार्गदर्शकों एवं सहयोगी बंधुओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता गोपेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए, जिससे पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और आत्मीयता बनी रहे। उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं को याद कर सम्मानित करने की पहल को सराहनीय बताया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती निरंतर संवाद और कार्यकर्ताओं के सम्मान से होती है। उन्होंने कहा कि दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों को सम्मानित करना संगठनात्मक संस्कृति को मजबूत करता है।
वरिष्ठ समाजसेवी दयाशंकर मिश्र ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने की बात कही, जबकि पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि संगठन की शक्ति ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है और संवाद व सहयोग से ही संगठन मजबूत होता है।
वरिष्ठ नेता विपिन कुमार शुक्ला ने कहा कि युवा समाज के भविष्य के निर्माता हैं, जबकि वरिष्ठजनों का अनुभव संगठन की धरोहर है। दोनों के समन्वय से ही एक मजबूत सामाजिक व्यवस्था का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के समापन पर आजीवन सदस्य, मार्गदर्शक एवं सहयोगी बंधुओं को अंगवस्त्र तथा भगवान परशुराम का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान आलोक मिश्रा, केशव पाण्डेय, नरेंद्र बहादुर उपाध्याय, दिलीप पाण्डेय, गोपेश्वर त्रिपाठी, दयाशंकर मिश्र, विपिन कुमार शुक्ला, जेपी तिवारी, जगदीश प्रसाद शुक्ल, नीरज त्रिपाठी, चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, अभय शुक्ल, भानु प्रकाश मिश्र, संध्या दीक्षित, पुष्पलता पाण्डेय, वंदना मिश्र, अमरेन्द्र पाण्डेय, डॉ. शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. के.एम. पाण्डेय, डॉ. सत्येन्द्र मणि ओझा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।