बस्ती-समाज के सभी सम्मानित नागरिकों से मेरा विनम्र निवेदन है कि हम नकारात्मक बातों पर ध्यान न देकर सकारात्मक कार्यों को पहचानें और उनका सम्मान करें।
मनीष मिश्रा जी और जीडी मिश्रा जी जैसे लोग समाज के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। आज के समय में जहाँ आलोचना अधिक और सराहना कम होती है, वहाँ ऐसे लोगों का हौसला बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कुछ लोग हर अच्छे काम में भी कमी निकालते हैं, लेकिन सच्चाई हमेशा अपने कार्यों से सामने आती है।
उन परिवारों के चेहरों की खुशी, जिनके जीवन में इनके प्रयासों से बदलाव आया है, वही इनकी असली पहचान है। लगभग 200 बच्चों को निःशुल्क डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से शिक्षा, 500 महिलाओं को पेड़ा बनाने का प्रशिक्षण, और 1000 महिलाओं को सिलाई मशीन देकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य वास्तव में सराहनीय है।
हमें खुद से यह सवाल करना चाहिए कि हम अपने नेताओं से क्या अपेक्षा रखते हैं? क्या हम विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता नहीं चाहते? यदि हाँ, तो मनीष मिश्रा जी और जीडी मिश्रा जी इन सभी कसौटियों पर खरे उतरते हैं।
आइए, हम सभी मिलकर ऐसे लोगों का सम्मान करें, उनका मनोबल बढ़ाएं और समाज में सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाएं। यही हमारे समाज की असली ताकत है।