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बशिष्ठ पाण्डेय

नए सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रारम्भ, निदेशक अमरमणि पांडेय ने बताई शिक्षा की नई दिशा

बस्ती। शहर के बहुचर्चित दिल्ली पब्लिक सीनियर स्कूल और यूरोकिड्स ब्रांड एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान को आगे बढ़ाते हुए नए सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर चुके हैं। इस अवसर पर डायरेक्टर अमरमणि पांडेय ने विद्यालय की विशेषताओं और शिक्षा के प्रति अपनी सोच को विस्तार से साझा किया।
डायरेक्टर अमरमणि पांडेय ने बताया कि एक सफल और आदर्श विद्यालय की नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल किताबों तक सीमित शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे छात्र आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्टर और इंटरैक्टिव लर्निंग टूल्स के माध्यम से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया गया है। इसके साथ ही एक्टिविटी बेस्ड एजुकेशन को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे बच्चे सीखने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा को भी निखार सकें।
अमरमणि पांडेय ने यह भी बताया कि विद्यालय में अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों की टीम बच्चों को सही दिशा देने के लिए सदैव तत्पर रहती है। एक सकारात्मक और अनुशासित वातावरण में पढ़ाई कराने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों को एक जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाना है।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समय-समय पर पैरेंट्स-टीचर मीटिंग का आयोजन कर बच्चों की प्रगति की जानकारी साझा की जाती है, जिससे अभिभावक भी अपने बच्चों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
प्रबंधक अमरमणि पाण्डेय एवं प्रधानाचार्य अर्चना पाण्डेय ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि नए सत्र के लिए नर्सरी से उच्च कक्षाओं तक प्रवेश प्रारम्भ हो चुका है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समय रहते प्रवेश सुनिश्चित कराएं।
विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का भी नियमित आयोजन किया जाता है, जिससे बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को मंच मिल सके। सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ परिसर और अनुशासन के साथ यह विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा का एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है।
अंत में विद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी वे इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता बनाए रखते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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