Spread the love

बशिष्ठ पाण्डेय

ग्रामीण परिवेश से निकली वैज्ञानिक प्रतिभा, AI, रोबोटिक्स और चंद्रयान पर विचारोत्तेजक प्रस्तुति से बढ़ाया बस्ती का मान

बनकटी/बस्ती। जहाँ दृढ़ संकल्प होता है, वहीं से परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है, इस कथन को बनकटी क्षेत्र स्थित सीडीए एकेडमी मथौली के विद्यार्थियों ने साकार कर दिखाया। पंडित अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा आयोजित युवा सृजन नवाचार महोत्सव में विद्यालय के छात्रों ने मंडल स्तर पर उत्कृष्ट और विचारोत्तेजक प्रस्तुति देकर न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण परिवेश से भी वैश्विक दृष्टि और आधुनिक वैज्ञानिक सोच का उदय संभव है।
इस नवाचार महोत्सव में सीडीए एकेडमी के विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए आई), रोबोटिक्स, चंद्रयान जैसे राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली मॉडल और प्रस्तुतियाँ प्रदर्शित कीं। छात्रों की प्रस्तुति ने दर्शकों और निर्णायक मंडल को गहराई से प्रभावित किया। जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल, व्यावहारिक और रोचक ढंग से प्रस्तुत करना इन नन्हे वैज्ञानिकों की विशेषता रही, जिसने उन्हें अन्य प्रतिभागियों से अलग पहचान दिलाई।
विद्यालय का यह प्रदर्शन केवल एक प्रतियोगिता में सफलता भर नहीं था, बल्कि वर्षों से रोपे गए उस शैक्षणिक वटवृक्ष का फल था, जिसकी जड़ें शिक्षा के माध्यम से सामाजिक चेतना, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास के उद्देश्य से सींची गई थीं। आज वही वटवृक्ष आधुनिक विज्ञान और तकनीक की शाखाओं—AI, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष विज्ञान—के रूप में लहलहाता नजर आया। यह उपलब्धि इस तथ्य को भी पुनः स्थापित करती है कि आधुनिक विज्ञान किसी भौगोलिक सीमा का मोहताज नहीं, बल्कि अवसर, मार्गदर्शन और संकल्प का परिणाम है।
इस ऐतिहासिक सफलता के मूल में सीडीए एकेडमी की संपूर्ण अकादमिक टीम की दूरदृष्टि, अनुशासन और अथक परिश्रम निहित रहा। शिक्षकों पीयूष त्रिपाठी, मो. अरशद, सचिव अग्रहरि, भावना सहित अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन, प्रेरणा और तकनीकी समझ प्रदान की। शिक्षकों के समर्पण और योजनाबद्ध प्रशिक्षण का ही परिणाम रहा कि छात्रों ने मंडल स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन किया।
प्रबंध निदेशिका डॉ. अरुणा सिंह पाल एवं प्रबंधक इंजीनियर अरविंद पाल ने इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं और शिक्षक कुम्हार के समान। जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी को मनचाहा आकार देता है, उसी प्रकार शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य को गढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि सीडीए एकेडमी का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और आत्मविश्वास का विकास करना है।
उन्होंने नन्हे वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों ने जिस प्रकार अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है, वह पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि ये विद्यार्थी भविष्य में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करेंगे और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
युवा सृजन नवाचार महोत्सव में मिली यह सफलता न केवल सीडीए एकेडमी मथौली के लिए, बल्कि पूरे बस्ती जनपद के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और सतत प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *