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बशिष्ठ पाण्डेय
बस्ती मालवीय मार्ग स्थित आयुर्वेद क्लिनिक पर विश्व आयुर्वेद परिषद एवं आरोग्य भारती के संयुक्त तत्वावधान में भगवान धन्वंतरि जयंती कार्यक्रम मनाया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयुर्वेद के वरिष्ठ चिकित्सक पूर्व आयुर्वेद अधिकारी डा0 वी के श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान विष्णु के 12वें अवतार भगवान धन्वंतरि का जन्म मानव कल्याण, स्वास्थ्य के वरदान आयुर्वेद, जड़ी बूटियों को संसार के समक्ष लाने के लिए हुआ था।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि भगवान धन्वंतरि का जन्म कार्तिक मास की त्रयोदशी को हुआ था जिसे हम सभी धनतेरस के नाम से जानते हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि भगवान धन्वंतरि ने जड़ी बूटियों के साथ साथ अनेक खनीज तत्वों,फल, सब्जियों आदि में औषधीय गुणों से परिचित कराया।
विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डा0 वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आयुर्वेद समस्त चिकित्सा पद्धतियों की जननी है और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समस्त चिकित्सा पद्धतियों के पितामह हैं,डा0 त्रिपाठी ने कहा कि भगवान धन्वंतरि ने विश्व को सर्वप्रथम” चिकित्सा तत्व विज्ञान तन्त्र” नाम की पुस्तक देकर चिकित्सा शास्त्र की प्रथम पुस्तक होने को गौरव प्रदान किया। डा त्रिपाठी ने कहा कि शल्य चिकित्सा के जनक भगवान सुश्रुत धन्वंतरि जी के गुरु थे, जिसके सानिध्य में धन्वंतरि जी ने तमाम जड़ी बूटियों का प्रयोग काढ़े, अवलेह,आसव आदि के रूप में संसार को प्रदान किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डा0शबनम जहां, सूर्य प्रताप सिंह,सन्नो दूबे, अर्जुन उपाध्याय, दिनेश कुमार श्रीवास्तव,भरत जी पाण्डेय,डा0 वीरेन्द्र चौधरी,डा0टाईगर,शक्ति सिंह, उमेशचंद्र श्रीवास्तव, निरंकुश शुक्ल, राहुल पाण्डेय
उपस्थित रहे।

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