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बशिष्ठ पाण्डेय
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बुधवार को दलित वंचित समाज को नई दिशा देने वाले कांशीराम को उनके परिनिर्वाण दिवस पर याद किया गया। कांशीराम जी के चित्र पर माल्यार्पण के बाद वक्ताओं ने कहा कि उन्होने आर्थिक रूप से शोषित और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों का व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिये आखिरी सांस तक प्रयत्न किया। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुये सपा जिलाध्यक्ष एवं सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि पिछड़े अल्पसंख्यक तथा दलितों में सत्ता के प्रति प्यास जगाने वाले मान्यवर कांशी राम वास्तव में बहुजन आंदोलन के महानायक थे. उनके करिश्माई राजनीतिक विचारधारा से भारतीय राजनीति में एक नए युग का उदय हुआ। समाजवाद का भी यही लक्ष्य है कि समाज से गैर बराबरी समाप्त हो। कहा कि देश कांशीराम के योगदान को सदैव याद रखेगा। उन्होने गरीब, वंचित, उपेक्षित वर्ग को राजनीतिक ताकत दिया। उन्होने बाबा साहब के सपनोें को जमीनी धरातल पर साकार किया।
सपा नेता मो. स्वालेह, जावेद पिण्डारी, जमील अहमद, आर.डी. निषाद आदि ने परिनिर्वाण दिवस पर कांशीराम के योगदान पर प्रकाश डाला। जावेद पिण्डारी ने कहा कि कांशीराम ने आंदोलन के जरिए दलित चेतना को उभारने में सफल रहे। उन्होंने सहयोग और क्रांति को नजरअंदाज करते हुए तीसरा रास्ता अपनाया. बामसेफ का गठन कर उन्होंने रणनीतिक कौशल और संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया। भारतीय राजनीति में उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा। कहा कि कांशीराम ने गरीबों को सत्ता में आने का स्वप्न ही नहीं दिखाया वरन उसे साकार भी किया।
दलित चेतना के महानायक कांशीराम को परिनिर्वाण दिवस पर नमन करने वालों में मुख्य रूप से श्री प्रकाश शर्मा, हरीश गौतम, भोला पाण्डेय, युनूस आलम, अजय यादव, विपिन त्रिपाठी, अखिलेश यादव, जोखूलाल यादव, संजय गौतम, राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, डा. वीरेन्द्र यादव, रामचन्द्र यादव, मो. अहमद सज्जू, मधुबन यादव, रजवन्त यादव, निसार अहमद, राम उजागिर वर्मा, राम प्रकाश, रामशंकर निराला, पंकज निषाद, गौरीशंकर यादव के साथ ही पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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