आज आल टीचर्स एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा)/NMOPS के आह्वान पर जिले भर के शिक्षक कर्मचारियों ने अपने अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांध कर एनपीएस/ यूपीएस के प्रति विरोध जताया।और आज के दिन को काला दिवस के रूप में मनाया।
तत्पश्चात सायं 3 00 बजे प्रेसक्लब बस्ती में एकत्र हो कर एक सभा की। सभा के उपरान्त शिक्षकों कर्मचारियों का एक हुजूम पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंच कर मा0 प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय को सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए अटेवा जिलासंयोजक तौआब अली ने कहा कि एनपीएस की खामियों को मानते हुएं केंद्र सरकार ने आज शिक्षकों कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू कर रही है जो कि एनपीएस से भी ज्यादा हानिकारक है। इसमें कर्मचारियों के जमा अंश को सरकार स्वयं रख लेगी। जिससे सेवानिवृत होने पर कर्मचारियों के हाथ कुछ भी नहीं आएगा। इसलिए अटेवा NMOPS को यह व्यवस्था कत्तई स्वीकार नहीं है। इसलिए हम सरकार से पुनः पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग करते हैं। और सरकार फिर भी नहीं मानी तो 1 मई को दिल्ली के जंतर मंतर पर देश भर के शिक्षक कर्मचारी धरना प्रदर्शन को बाध्य होगा।जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। पीडब्ल्यूडी वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार जी ने कहा कि सरकार हमारी बुढ़ापे की लाठी के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए।हमें एनपीएस/यूपीएस के जाल में सरकार न उलझाए।
मंडलीय महामंत्री दीपक सिंह प्रेमी व जिला महामंत्री विजयनाथ तिवारी ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना ही शिक्षकों कर्मचारियों के हित में है। हमें एनपीएस/यूपीएस नहीं चाहिए।
संरक्षक प्रमोद ओझा, बृजेश वर्मा देवेंद्र तिवारी व कोषाध्यक्ष अमर चंद ने जब देश के सांसद और विधायक पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं तो कर्मचारियों को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है।
उपाध्यक्ष सुनील मौर्य, अमरनाथ,जिला मीडिया प्रभारी नीरज वर्मा,जिला संगठन मंत्री कैलाशनाथ, जिलामंत्री राहुल उपाध्याय ने संयुक्त रूप से कहा कि एनपीएस/ यूपीएस शेयर बाजार आधारित असुरक्षित व्यवस्था है। यह तत्काल बंद होनी चाहिए।
सभा में उपस्थित उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रांतीय कोषाध्यक्ष बिजेंद्र वर्मा, प्रांतीय मंत्री ध्रुवनारायण,जिलाध्यक्ष अजय कुमार वर्मा, महामंत्री डॉ सत्यप्रकाश मौर्य ने एक स्वर में कहा कि हम पुरानी पेंशन बहाली की हर लड़ाई में अटेवा के साथ है।
इस दौरान विनोद प्रकाश वर्मा,सुरेन्द्र यादव,श्रीनाथ विश्वकर्मा, संतोष यादव,महेंद्र गौड़,जावेद इकबाल,बृजेश कुमार,राकेश सिंह,जितेंद्र वरुण,मनीष प्रकाश मिश्र,फूल चंद्र,हरि सिंह, मोहम्मद सलाम, पप्पू सक्सेना, अभीषेक जायसवाल, बासदेव,राजेश यादव, लाल जी वर्मा,संदीप यादव, धर्मेंद्र निषाद, लाल जी पाल,राकेश मिश्र, पुष्पेंद्र कुमार,अर्जुन प्रसाद,गुलाम असरफ, सुखराज गुप्ता,प्रमोद वर्मा, संजय यादव,प्रवीण सिंह, अवधेश कुमार वर्मा,अखिलेश कुमार,,अजीत वर्मा,प्रवेश चौधरी,महेंद्र पटेल, बाबूराम वर्मा,अनिरुद्ध वर्मा,रमाकांत पटेल, फूलचंद्र सुभाष चौधरी,सहित सैकड़ों शिक्षक कर्मचारी मौजूद रहे।