इंदौर में वायु प्रदूषण से हर साल 2400 लोगों की असमय मौत
इंदौर,31 अगस्त स्वच्छता, साफ-सफाई में शहर लगातार सात बार भले ही देश में नंबर वन होने का खिताब जीत चुका हो लेकिन वायु प्रदूषण से होने वाली मौत का आंकड़ा हर साल 2400 लोगों की अकाल मौत का बना हुआ है। वायु प्रदूषण का मुख्य कारण शहर की सडक़ों पर दौड़ते वाहन अधिक हैं। क्लीन एयर कैटलिस्ट के एक अध्ययन के मुताबिक इंदौर में 70 फीसदी वायु प्रदूषण सडक़ों पर चलने वाले वाहनेां के कारण होता है। यातायात पुलिस को प्रशिक्षण देते हुए वरिष्इ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सलिल भार्गव ने कहा, वायु प्रदूषकों के संपर्क में रहने से सांस और हृदय संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियां हमारी 100 साल की जिंदगी को घटा कर 70-80 साल तक ला रही है। वायु प्रदूषण के बीच सडक़ पर लंबा समय बिताने की वजह से यातायात पुलिस के लिए जोखिम ज्यादा है। सडक़ों पर ट्रैफिक की वजह से वायु प्रदूषण से जुड़े खतरों को देखते हुए ट्रैफिक नियंत्रण विभाग और क्लीन एयर कैटलिस्ट (सीएसी) ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य और वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव विषय पर आयोजित वर्कशॉप में एक दिन का प्रशिक्षण दिया। नगर निगम के अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा ने कहा, यह प्रशिक्षण यातायात पुलिस की सेहत के बचाव के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान क्लीन एयर कैटलिस्ट ने आशा कार्यकर्ताओं को वायु प्रदूषण के कारणों, स्त्रोतों, जोखिमों ओद्यर बचने के उपायों को लेकर प्रशिक्षित किया। इस ट्रेनिंग के लिए शहरी क्षेत्र की आशाा कार्यकर्ताओं का चयन उन दस वार्डों से किया गया, जिन्हें क्लीन एयर कैटलिस्ट ने प्राथमिकता के साथ लो एमिशन जोन्स रूप में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए चुना है। ट्रैफिक टीआई, पश्चिम क्षेत्र, अर्जुन पवार ने कहा, यह प्रशिक्षण आम लोगों के ही साथ यातायता ुपलिस की खुद की सुरक्षा में मददगार होगा। असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर, अर्बन हेल्थ, निय पांडे ने कहा कि पब्लिक हेल्थ के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आशा कार्यकर्ता अब शहर में वायु प्रदूषण रोकने में मदद करेगी। क्लीन एयर कैटलिस्ट के प्रोजेक्ट मैनेजा कौशिक हजारिका ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम के साथ किए जा रहे प्रयासों का ब्यौरा दिया। वाइटर स्टेटेजीज के प्रोग्राम मैनेजर सौरभ पोरवाल ने स्वास्थ्य पर वायु गुणवत्ता के दुष्प्रभावों और उनसे बचने के तरीकों के बारे में व्यवहारिक जानकारी दी। मेघा नामदेव ने ट्रांसपोर्ट सॉल्युशंस के बारे में विस्तार से बताया।
