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बशिष्ठ पाण्डेय

बस्ती। जनपद बस्ती की मातृशक्ति अब एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर कदम बढ़ा चुकी है। आगामी 25 मई को बस्ती में 2100 माताएं और बहनें एक साथ पारंपरिक लोकगीत ‘राम जी का सोहर’ गाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगी। इस भव्य आयोजन को लेकर जिले भर में उत्साह और तैयारियों का माहौल देखने को मिल रहा है।

इसी क्रम में आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न महिला समूहों की लगभग 150 ग्रुप लीडर्स के साथ विस्तृत संवाद और बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और सभी समूहों की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने प्रत्येक समूह की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करते हुए कार्यक्रम को अनुशासित और सफल बनाने का आह्वान किया।

बैठक में उपस्थित महिलाओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी समूहों की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंस्कृति और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने में जुटी हुई हैं।

आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्ती की माताओं और बहनों की एकता, शक्ति और लोक परंपराओं के गौरव का महोत्सव है। ‘राम जी का सोहर’ भारतीय लोकसंस्कृति की एक महत्वपूर्ण धरोहर है, जिसे पीढ़ियों से महिलाएं शुभ अवसरों पर गाती आ रही हैं। अब यही लोकगीत बस्ती की पहचान बनकर राष्ट्रीय स्तर पर गूंजने जा रहा है।

कार्यक्रम को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है। गांव-गांव और मोहल्लों में महिलाएं सोहर गीत का अभ्यास कर रही हैं। आयोजकों का विश्वास है कि बस्ती की मातृशक्ति अपने सामूहिक प्रयास से नया इतिहास रचेगी और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने में सफल होगी।

महिलाओं का कहना है कि यह आयोजन न केवल बस्ती बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय बनेगा। लोकसंस्कृति और परंपराओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाने की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

अब पूरे जिले की निगाहें 25 मई पर टिकी हैं, जब बस्ती की धरती पर 2100 महिलाओं की सामूहिक स्वर लहरियां ‘राम जी का सोहर’ गाकर इतिहास रचने का प्रयास करेंगी।

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