Spread the love

बशिष्ठ पाण्डेय

युवा दिवस के रूप में याद किये गये स्वामी विवेकानन्द
बस्ती। सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा शिखर राठौर के संयोजन में पं. अटल बिहारी प्रेक्षागृह मंें स्वामी विवेकानन्द   जयन्ती को  राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाम प्रचारक ऋषि, जिला प्रचारक शिवेन्द्र, गोरक्ष प्रान्त के संगठन मंत्री पुनीत, शोध प्रमुख डा. विनय, पूर्व प्रान्त उपाध्यक्ष लेफ्टिनेन्ट जितेन्द्र शाही, विभाग संगठन मंत्री आकाश, जिला संयोजक विकास कसौधन आदि ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन से जुड़े अनेक प्रसंगों पर विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि स्वामी विवेकानन्द युवाओ के लिये शक्ति पूुंज है। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत या दार्शनिक नहीं थे, बल्कि वे विचारों की वह ज्वाला थे जिसने भारत के युवाओं को आत्मविश्वास, आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया।  12 जनवरी 1863 को जन्मे विवेकानंद ने बहुत कम उम्र में ऐसा वैचारिक प्रभाव छोड़ा कि आज भी उनकी बातें उतनी ही प्रासंगिक लगती हैं।
कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुये भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ई. अरविन्द पाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे ‘ उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।’  यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि सफलता का वह मंत्र है जो हर हारते हुए इंसान में नई ऊर्जा भर देता है। विवेकानंद का मानना था कि खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है। युवाओं को खुद पर भरोसा रखकर बड़ी चुनौतियों का सामना करना चाहिए। उन्होंने हमेशा कहा कि देश के युवाओं की रगों में जोश और सेवा का भाव होना चाहिए। गरीब और जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *