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बशिष्ठ पाण्डेय

बस्ती। सदर तहसील के मूड़ाडीहा ग्राम सभा में चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्तिभाव और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पंडित देवस्य मिश्र ने बुधवार के प्रसंग में देवर्षि नारद के चरित्र, भीष्म पितामह के जीवन आदर्श तथा कलयुग के आगमन का सजीव और भावनात्मक वर्णन किया। कथा के दौरान भजन–कीर्तन और मधुर संगीत से पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
कथावाचक पंडित देवस्य मिश्र ने देवर्षि नारद को भक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन मानव को ईश्वर भक्ति, सदाचार और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वहीं भीष्म पितामह के चरित्र के माध्यम से कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और वचनबद्धता का महत्व समझाया गया। कथा में बताया गया कि भीष्म पितामह का जीवन आज के समाज के लिए आदर्श है।
कलयुग के आगमन के प्रसंग में उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस युग में नाम-स्मरण और भक्ति ही मोक्ष का सरल मार्ग है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। इस दौरान मुख्य यजमान राम नारायण यादव, श्याम सुंदर यादव, आशीष सिंह, नीता यादव, ज्योति यादव, वैदिक पंडित अनुराग, आकाश, सूर्यभान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं उपस्थित रहे।

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