बशिष्ठ पाण्डेयबस्ती- संघ का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन के लिए समर्पित हो जाता है। अपना अस्तित्व को भी मिटा देता है। जब-जब धर्म की क्षति होती है तब तब कोई महापुरुष जन्म लेता है। कभी नरसिंह ,कभी राम ,कभी कृष्ण प्रकट होते हैं उसी प्रकार कलयुग में संघ का प्रादुर्भाव हुआ है। संघे शक्ति कलोयुगे। चरैवेति चरैवेति का मंत्र लेकर संघ का कार्यकर्ता संगठन के साथ सौ वर्ष पूर्ण कर रहा है। संघ संस्थापक डॉक्टर केशव राव बलिराम हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे । बचपन में महारानी विक्टोरिया के जन्मोत्सव पर मिठाई फेक देने वाला बालक विद्यालय से किसी भी सजा के लिए तैयार था। संघ ने देश और समाज के लिए कई संगठन तैयार किया जो समाज के लिए कई संगठन तैयार किया जो विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहा है । तंत्र है नूतन भले ही चिर पुरातन साधना । व्यक्ति को समाज से जोड़ने की साधना । देश पर आए प्रत्येक आपदा में संघ का स्वयंसेवक सदैव आगे रहा ।उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एकलव्य बस्ती ,बस्ती नगर के विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन कार्यक्रम में रमेश जी मुख्य वक्ता रमेश जी प्रांत प्रचारक गोरक्ष प्रांत उपस्थित स्वयं सेवको नागरिकों महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा इससे पूर्व कार्यक्रम का श्री गणेश विभाग संचालक नरेंद्र भाटिया कार्यक्रम अध्यक्ष कन्हैया प्रसाद त्रिपाठी वीरेंद्र जी मुख्य वक्ता रमेश जी ने दीप प्रज्वलन करके किया मुख्य शिक्षक आदित्य जी रहे संघ के स्वयंसेवक पूर्ण गणेश में पंक्तिबद्ध होकर घोष दल के साथ कदम से कदम मिलाकर पथ संचालन करते हुए संघ के शताब्दी वर्ष का विजयोत्सव मनाया । उक्त कार्यक्रम में सुभाष जी, अभिनव जी ,आशीष जी, राहुल जी ,अरविंद जी ,राघवेंद्र जी ,राजेश जी ,नीरज जी, आशीष श्रीवास्तव जी ,रंजीत जी ,गोविंद जी ,भानु प्रताप जी ,मुन्ना जी ,राजेंद्र नाथ जी, विवेकानंद जी ,अंकुर जी ,सुरेंद्र बहादुर जी ,प्रीति जी आदि उपस्थित रहे