बशिष्ठ पाण्डेय
– जो बोले सो निहाल-सत श्री अकाल से गूंजता रहा गांधीनगर क्षेत्र
– कंपनी बाग से निकली शोभायात्रा का गुरुद्वारा गांधीनगर में हुआ समापन
– शबद-कीर्तन करते गुरु ग्रंथ साहब की शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु
बस्ती, निज संवाददाता। श्री गुरु नानक देव के 555वें प्रकाश उत्सव पर शनिवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकली। गुरुद्वारा गांधीनगर के तत्वावधान में कंपनी बाग से निकली शोभायात्रा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। शोभायात्रा के दौरान ‘जो बोले सो निहाल-सतश्री अकाल’ से समूचा गांधीनगर क्षेत्र गूंजता रहा। मनमोहक आतिशबाजी और पुष्पवर्षा शहरियों के आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा का समापन गांधीनगर गुरुद्वारा में आयोजित लंगर से हुआ।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गांधीनगर के तत्वावधान में शनिवार शाम कंपनी बाग से श्री गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर शोभायात्रा निकली। कंपनी बाग से शुरू हुई शोभायात्रा में गुरु ग्रंथ साहब की सवारी निकली। सवारी को फूल-मालाओं से सजाया गया। यात्रा के आगे पंच प्यारे चलते रहे। रास्ते को श्रद्धालु पानी से धुलते व साफ करते रहे। ‘सतगुरु नानक प्रगट्या मिटी धुंध जग चानन होवा, जित्थे बाबा पैर धरे पूजा आसान सोहा’ शबद के साथ निकले श्रद्धालु कीर्तन करते रहे। ‘जो मांगे ठाकुर अपने ते सोई-सोई देवे’ सहित अन्य कीर्तन करते हुए श्रद्धालु ढोल मजीरा बजाते रहे। नगाड़े व ढोल की धुन पर सभी श्रद्धालु एक-एक कदम आगे बढ़ते रहे।
शोभायात्रा में पंजाब का पाइप बैंड अपनी धुन पर सभी को आनंदित करता रहा। बैंडबाजा के साथ डीजे शामिल रहे। शोभायात्रा रोडवेज तिराहा पहुंची। वहां से वापस गांधीनगर पहुंचने पर आकर्षक आतिशबाजी की गई। गांधीनगर में गुरु ग्रथ साहब के सवारी पर की गई पुष्पवर्षा लोगों को अपनी ओर लुभाती रही। यात्रा का नेतृत्व प्रधान श्री गुरु सिंह सभा गांधीनगर सरदार हरवंश सिंह, ज्ञानी प्रदीप सिंह, सरदार गुरुनाम सिंह, सरदार प्रभुप्रीत सिंह, कुलवेंद्र सिंह जेम्स, रवीन्द्र स्याल, अमरजीत सिंह बाबू, देवेन्द्र सिंह रंगी, सरबजीत सिंह, यशपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह कल्लू, रंजीत सिंह, गुरुचरण सिंह, रवीन्द्र पाल सिंह झल्लू, बैराग सिंह, हरविन्दर पाल सिंह, प्रभुजोत सिंह, अजीत पाल सिंह आदि शामिल रहे। शोभायात्रा का समापन देर रात गुरुद्वारा में आयोजित लंगर से हुआ।