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बशिष्ठ पाण्डेय

बस्ती । सेन्ट्रल एकेडमी में शिक्षक दिवस का पर्व उत्साह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ केक काटकर मनाया गया। मुख्य अतिथि ऋषि तिवारी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुये कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है। जीवन में माता-पिता का स्थान कभी कोई नहीं ले सकता, क्योंकि वे ही हमें इस रंगीन खूबसूरत दुनिया में लाते हैं। कहा जाता है कि जीवन के सबसे पहले गुरु हमारे माता-पिता होते हैं। भारत में प्राचीन समय से ही गुरु व शिक्षक परंपरा चली आ रही है, लेकिन जीने का असली सलीका हमें शिक्षक ही सिखाते हैं। सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
निदेशक जे.पी. तिवारी, निदेशिका सीमा तिवारी, सहायक निदेशक अनुज तिवारी ने कहा कि शिक्षक दिवस पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करने का दिन है जिन्होने अपना जन्म दिन गुरूजनों को समर्पित कर दिया। प्रधानाचार्य दीपिका तिवारी ने कहा कि ‘गुरु’ का हर किसी के जीवन में बहुत महत्व होता है। समाज में भी उनका अपना एक विशिष्ट स्थान होता है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा में बहुत विश्वास रखते थे। वे एक महान दार्शनिक और शिक्षक थे। उन्हें अध्यापन से गहरा प्रेम था। एक आदर्श शिक्षक के सभी गुण उनमें विद्यमान थे।
इस अवसर पर छात्रों ने गुरूजनों के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर उन्हें उपहार भेंट किया। निदेशक जे.पी. तिवारी ने गुरूजनों को विशेष उपहार देते हुये कहा कि इनके सहयोग और समर्पण के बिना विद्यालय चलाना असंभव है। कार्यक्रम में आबिद अरशद, शैलेन्द्र, द्विजेन्द्र, अजय दूबे, साक्षी, उन्नति, दया, गीताजंलि, श्वेता चौधरी आदि ने छात्रों को शिक्षक दिवस के महत्व की जानकारी दिया।छात्र-छात्राओें मानसी, रौनक, शिवाकान्त, सृष्टि, आदिश्री, खुशी, सचिन, हर्षित दूबे, फरहान, सर्वेश, शाश्वत, शिवांश राय, अभिज्ञान बाल्मीकि, हर्षित दूबे, अलका, आराध्या, कार्तिक दूबे आदि ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मन मोह लिया।

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