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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से 11वीं बार देश को संबोधित किया। पीएम मोदी के भाषण में कहा गया कि भारत बाधाओं, रुकावटों और चुनौतियों को परास्त करते हुए नये संकल्प के साथ चलने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरे देश का समर्थन मिलना चाहिए। लेकिन आज विपक्ष सरकार की नीतियों और कार्यों को लेकर जिस तरह आक्रामक है, उससे यह लक्ष्य काफी दूर नजर आ रहा है। 2047 तक भारत को विकसित बनाने की राह में भ्रष्टाचार दूसरी सबसे बड़ी बाधा है।
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने दुख प्रकट करते हुए कहा कि देश में कुछ ऐसे लोग हैं, जो भ्रष्टाचार का महिमामंडन कर रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री एक ओर भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई जारी रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर उनकी पार्टी में ऐसे राजनीतिक नेता शामिल किए जाते रहे हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। जाहिर है कि ऐसे कृत्यों से जनता में संदेश जाता है कि सरकार कहती कुछ है, और करती कुछ और है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कुछ ऐसे राजनीतिक एजेंडे भी सेट किए जिन पर आने वाले दिनों में सियासत गर्म होगी। उन्होंने कहा कि इस समय देश में जो सिविल कोड है, वह वास्तव में कम्युनल है, भेदभाव करने वाला है। हमें सेक्युलर सिविल कोड की ओर जाना होगा। यूनिफॉर्म सिविल कोड भाजपा का पुराना मुद्दा है। काफी संवेदनशील है और एनडीए के सहयोगी दल जदयू और तेलुगू देशम सिविल कोड को लेकर असहज हो सकते हैं।
अन्य विपक्षी दलों में इसे लेकर मतैक्य बनाना आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा कि इस पर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन पाती है या नहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने नाम लिए बिना कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की चर्चा की। कहा कि समाज के तौर पर हमें महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
उन्होंने नई शिक्षा नीति के संबंध में ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की बात कही जिससे देश के नौजवानों को विदेश न जाना पड़े। प्रधानमंत्री ने डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश को आश्वस्त किया कि देश तीसरी बड़ी इकॉनमी  बनेगा तो मैं तीन गुना गति से काम भी करूंगा। मैं चुनौतियों से टकराने से डरता नहीं हूं क्योंकि आपके और आपके भविष्य के लिए जीता हूं

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